CKD मे नमक खाने के लिए मना क्यों किया जाता है

क्या आप भी बने हुए खाने में अलग से नमक खाते हैं? या फिर आप भी पैकेड फूड ज्यादा खाते हैं? शायद आप नहीं जानते खाने में ज्यादा नमक लेने की आदत आपको बीमार कर सकती है, क्योंकि जरूरत से ज्यादा नमक का सेवन आपकी किडनी की सेहत के लिए हानिकारक होता है।

सेहतमंद रहना कौन नहीं चाहता? सबकी कोशिश होती है कि बीमारियों से दूरी बनी रहे और शरीर निरोगी रहे, लेकिन कई बार जाने अंजाने में की गई गलतियां बॉडी को बड़ा नुकसान पहुंचाती हैं और Diet Plan or Daily routine की कुछ गलत आदतें ऐसी बीमारियां दे देती हैं जो जानलेवा साबित हो सकती है|


जी हां, ऐसी ही आदत है जैसे- ज्यादा नमक खाना, जो किडनी डिजीज की वजह बनता हैं| आइये सबसे हम समझते है किडनी शरीर में कैसे करती है? जिससे आप आसानी से समझ सकेंगे कि ckd में नमक का सेवन करने के लिए माना क्यों किया जाता है!

किडनी हमारी Body का एक Important part है और इसके बिना हमारे शरीर के काम करने की क्षमता ना के बराबर हो जाती है। किडनी हमारे शरीर में बनने वाले waste material को फिल्टर करके यूरिन के जरिए बाहर निकालती है| अगर किडनी सही ढंग से काम ना करे तो हमारे शरीर में टॉक्सिंस जमा होने लगेंगे जिसका सीधा असर हमारे हार्ट और लिवर पर पड़ता है|

इसके अलावा शरीर में मिनरल्स का संतुलन बनाए रखने की जिम्मेदारी भी किडनियां ही निभाती हैं। आपको बाते दें कि नमक में सोडियम होता है और ज्यादा नमक खाने से बॉडी का सोडियम बैलेंस बिगड़ जाता है और इसका असर किडनी के फंक्शन पर पड़ता है जिसके कारण किडनी शरीर से कम मात्रा में पानी बाहर निकाल पाती है। और इसका नतीजा यह होता है कि आपका बीपी हाई होने के साथ किडनी बीमार होने लगती है।

चलिये अब जानते है कि CKD के मरीजों को आहार में कम मात्रा या सीमित मात्रा में नमक (सोडियम) लेने की सलाह क्यों दी जाती है?

सोडियम यानि नमक आपके शरीर में पानी और खून के दबाव को बैलेंस रखता है। लेकिन शरीर में सोडियम सामान्य मात्रा से ज्यादा होने पर यह किडनी की कार्यक्षमता को प्रभावित करता है और जिसके कारण किडनी की कार्यक्षमता में कमी आती है| खाने में नमक की मात्रा नियंत्रित नहीं रखने से किडनी की खराबी बढ़ती है|

शरीर में सोडियम की मात्रा अधिक इक्कठा होने पर किडनी खराबी के लक्षण जैसे प्यास ज्यादा लगना, सूजन बढ़ना, साँस फूलना, खून का दबाव बढ़ना ये समस्याएं देखने को मिलती है। इसलिए इन समस्याओं को रोकने अथवा कम करने के लिए ckd के मरीजों को नमक का उपयोग सीमित मात्रा में करने की सलाह दी जाती है|

ज्यादा नमक खाने से होती है किडनी खराब

जरूरत से ज्यादा नमक का सेवन आपको बीमार बना सकता है इसलिए क्रोनिक किडनी रोगी को सीमित मात्रा में नमक का सेवन करना चाहिए क्योंकि ज्यादा नमक खाने से शरीर में वाटर रिटेंशन बढ़ जाता है। जिस तरह नमक को खुला छोड़ने पर वह मॉइस्चर को सोख लेता है, उसी तरह नमक शरीर में पानी को जमा करके रखता है।

क्रोनिक किडनी रोग के दौरान ज्यादा नमक खाने से हार्ट डिजीज, ब्लड प्रेशर और स्ट्रोक जैसी समस्या होने की संभावना अधिक बढ़ जाती हैं इसलिए ckd के रोगी को बैलेंस मात्रा में नमक खाने की सलाह दी जाती है| इसके साथ ही अगर ckd के मरीज अगर ज्यादा नमक खाते हैं, उनकी हड्डियां कमजोर होती हैं और उन्हें ऑस्टियोपोरोसिस की तकलीफ हो सकती है।

अब आप सोच रहें होंगे कि आखिर ckd में कितनी मात्रा में नमक लेना चाहिए| आप बिलकुल भी घबराये नहीं जहां हम आपको सब बताएँगे कि आहार में कितनी मात्रा में नमक लेना चाहिए?

वैसे तो एक सामन्य व्यक्ति को अपने आहार में पूरे दिनभर में 6 से 8 ग्राम नमक की जरूरत होती है। लेकिन ckd के मरीजों को, डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही नमक लेना चाहिए। लेकिन हाई ब्लड प्रेशर और शरीर में सूजन की समस्या के कारण ckd के मरीजों को रोजाना 3 ग्राम नमक लेने की सलाह दी जाती है।

अब आप समझ ही गए होंगे कि ckd में ज्यादा नमक खाने के लिए क्यों माना किया जाता है और ckd के मरीज को कितनी मात्रा में नमक का सेवन करना चाहिए| आप ckd यानि क्रोनिक किडनी रोग को ठीक करना के लिए आयुर्वेदिक उपचार भी ले सकते है क्योंकि आयुर्वेदिक उपचार से किडनी को किसी भी प्रकारा का साइडिफेक्ट का खतरा नहीं होता है| आयुर्वेदिक औषधियों के साथ बैलेस डाइट में फलों को लेने से आसानी से खून को बढ़ाया जा सकता है| इसलिए आयुर्वेदिक उपचार लेने से किडनी फेलियर खून को बढ़ा सकते है|

अगर आपकी किडनी में कोई भी समस्या है तो इसको अनदेखा न करें और अगर आप अपनी किडनी के लिए इलाज लेना चाहते हैं तो आयुर्वेदिक सबसे safe treatment (Ayurveda is safe treatment for ckd) है| क्योंकि आयुर्वेदिक इलाज़ में आपकी किडनी को किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होता| आयुर्वेदिक इलाज़ पूरी तरह प्राकृतिक है, जो अपना काम पूरा नैचुरल तरीके से करता है| अगर आप किडनी के लिए सबसे अच्छा आयुर्वेदिक उपचार चाहते हैं तो इसके लिए आप कर्मा आयुर्वेदा से संपर्क कर सकते हैं|

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